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गाइड

फ़ाउंटेन पेन के अनुकूल काग़ज़: क्या देखें

चार संकेत कि नोटबुक आपकी स्याही के साथ अच्छा बर्ताव करेगी।

पेन पर डाली जाने वाली कई दिक़्क़तें असल में काग़ज़ की होती हैं। ये हैं हमारी जाँचें।

1वज़न संकेत है, गारंटी नहीं

भारी काग़ज़ (लगभग 80 g/m² या ज़्यादा) आमतौर पर कम आर-पार होता है, पर सतह की कोटिंग ज़्यादा मायने रखती है। कुछ पतले काग़ज़ भी स्याही के साथ बढ़िया चलते हैं।

2साइज़िंग या कोटिंग देखें

साइज़्ड या कोटेड काग़ज़ स्याही को सतह पर रखता है, जिससे लाइनें साफ़ और रंग की चमक व शेडिंग दिखती है। साधारण कॉपी पेपर अक्सर फैलता है।

3फैलना, आर-पार होना और झलकना अलग हैं

फैलना यानी लाइनों के धुंधले किनारे। आर-पार होना यानी स्याही पीछे तक पहुँचना। झलकना यानी सिर्फ़ पीछे से लिखावट दिखना, जो आमतौर पर ठीक है।

4ख़रीदने से पहले जाँचें

सबसे गीला लिखने वाले पेन और सबसे चौड़े निब से एक लाइन लिखें, एक मिनट रुकें, फिर दोनों तरफ़ देखें। बाएँ हाथ से लिखते हैं तो सूखने का समय भी देखें।